Waqf Bill: संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद देश में नए बिल को लेकर चर्चा तेज है. विधेयक को लेकर पक्ष और विपक्ष के जमकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस बीच देश में वक्फ की संपत्तियों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, वक्फ बोर्डों के पास 39 लाख एकड़ भूमि है यानी देश के कुल 812 लाख एकड़ का करीब 5 फीसदी जमीन है.

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वक्फ के पास जमीन भारत के सुरक्षा बलों (17.99 लाख एकड़) और रेलवे (12.11 लाख एकड़) की कुल 30 लाख एकड़ से भी ज्यादा है. अगर सुरक्षा बलों और रेलवे की जमीन को मिला लिया जाए तो भी उनके पास इतनी जमीन नहीं है. गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात की जानकारी हाल ही में संसद में दी है.

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गौरतलब है कि वक्फ एक ऐसी संपत्ति होती है जो इस्लामी कानून के तहत धार्मिक या धर्मार्थ कार्यों के लिए दान की जाती है. एक बार वक्फ में दी गई संपत्ति को बेचना, स्थानांतरित करना या इस्तेमाल करना निषिद्ध होता है, क्योंकि यह संपत्ति अल्लाह के नाम पर सुरक्षित मानी जाती है. वक्फ बोर्ड से जुड़े डेटा के मुताबिक साल 2013 में 18 लाख एकड़ जमीन थी, लेकिन महज 12 सालों बाद यानी 2025 में ये आकंड़ा 39 लाख तक बढ़ गया. इसमे करीब 21 लाख एकड़ की बढ़ोतरी देखी गई.

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बता दें कि वक्फ संपत्तियों को लेकर विवादों का मुख्य कारण है कि कैसे और किन आधारों पर उन्हें वक्फ घोषित किया गया. सबसे बड़ा विवाद रहा है वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 40, जो वक्फ न्यायाधिकरण को अंतिम निर्णायक अधिकार देती थी. 2025 में लाया गया वक्फ संशोधन विधेयक जिसे अब उम्मीद विधेयक कहा जा रहा है. उसमें से धारा 40 को खत्म कर दिया.

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केंद्रीयमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सबसे कठोर प्रावधान करार दिया और आरोप लगाया कि इसके जरिए संपत्तियों को मनमाने तरीके से वक्फ घोषित किया गया. सरकार के अनुसार, 8.72 लाख वक्फ संपत्तियों में से 4.02 लाख ऐसी हैं जो दीर्घकालिक धार्मिक इस्तेमाल के आधार पर वक्फ घोषित की गईं. इसका अर्थ है कि कोई संपत्ति, भले ही निजी हो, अगर सालों से वहां धार्मिक गतिविधि हो रही हो तो उसे वक्फ में बदला जा सकता है.

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भारत के प्रमुख शहरों में वक्फ भूमि 

जब हम वक्फ भूमि की तुलना भारत के प्रमुख शहरों से करते हैं, तो पता चलता है कि वक्फ के पास इतनी भूमि है जितनी देश के 13 सबसे बड़े शहरों के कुल क्षेत्रफल के बराबर है.

  • शहर                क्षेत्रफल (लाख एकड़)
  • दिल्ली                    3.60
  • मुंबई                      1.50
  • बेंगलुरु                   2.20
  • चेन्नई                      1.00
  • हैदराबाद                1.70
  • कोलकाता              1.20
  • पुणे                      1.275
  • अहमदाबाद            1.31

कुल 13.785 लाख एकड़, जबकि वक्फ भूमि 39 लाख एकड़ है – यानी इन सभी शहरों के कुल क्षेत्रफल का लगभग तीन गुना.

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