पटना। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने पर बिहार के (waqf sanshodhan bill)उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा (bihar deputy cm vijay sinha waqf sanshodhan bill )ने कहा, “…जब कोई लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर लोकसभा में उचित चर्चा और मतदान के बाद लिए गए निर्णय पर सवाल उठाता है, तो क्या ऐसे लोगों को अब सदन में बैठने का अधिकार है?… ऐसे लोग कोर्ट जाकर सदन की गरिमा को धूमिल करते हैं। उनके जैसे संकीर्ण सोच वाले लोग, जो अपनी मर्जी से फैसले चाहते हैं, बार-बार विधायिका का अपमान करते हैं। वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते हैं। वे संविधान विरोधी हैं।

यह सरकार के लिए ऐतिहासिक अवसर था…

वक्फ संशोधन विधेयक पर RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “…यह सरकार के लिए ऐतिहासिक अवसर था…आप अपनी कुतर्क वाली राजनीति से इसे (वक्फ बोर्ड को) बर्बाद कर रहे हैं। आपने मुसलमानों को खत्म करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। कई राजनीतिक दल, जो आमतौर पर विपक्ष के समर्थन में नहीं होते हैं, उन्होंने इस मामले में विपक्ष का साथ दिया…अगर लोकसभा और राज्यसभा में सारी स्थिति नीतीश कुमार के फैसले पर बनी है, तो यह चिंताजनक बात है। अगर यह उनका फैसला नहीं था, तो यह और भी चिंताजनक है…”

मेरी रगो में भी उन्हीं का खून है,

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “मैं मुसलमान समाज के हर एक व्यक्ति से कहना चाहता हूं कि आपकी नाराजगी मेरे सर आंखों पर, लेकिन हकीकत है कि मेरे नेता(राम विलास पासवान) ने भी हमेशा समर्पण भाव से सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने का काम किया था। मेरी रगो में भी उन्हीं का खून है, उन्हीं के संस्कार हैं। मैं भी उनकी उस सोच को उतनी ही ईमानदारी से आगे लेकर चलने का काम करूंगा। वक्त बताएगा कि चिराग पासवान के द्वारा लिए गए फैसले आपके हक में थे या नहीं थे। चिराग पासवान का समर्पण ना केवल अल्पसंख्यक वर्ग के लिए है बल्कि उसे बड़ा समर्पण मेरा मेरे पिता के विचारों के प्रति है।