बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जल जीवन मिशन कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी पर एफआईआर दर्ज की गई है। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…

बालाघाट के लांजी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बातेगांव को हस्तांतरित नलजल योजना के तहत निर्मित 100 के.एल. क्षमता की उच्च स्तरीय टंकी 28 अगस्त को क्षतिग्रस्त हो गई थी। विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की। टंकी का निर्माण बालाघाट की मैसर्स रायसिंह एंड कंपनी ने किया था। निर्माण में गंभीर त्रुटियां के सामने आने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

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विभागीय स्तर पर भी कठोर कदम उठाते हुए उपयंत्री बी.एल. उद्दे और प्रभारी सहायक यंत्री एच.के. बागेश्वर को निलंबित किया गया है। साथ ही कार्यपालन यंत्री और अन्य सहायक यंत्री जो वर्तमान में सेवानिवृत्त हैं, इनके खिलाफ पेंशन नियमों के अंतर्गत कार्रवाई के लिए प्रस्ताव प्रमुख अभियंता से मंगाए जा रहे हैं।

अपर सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अभिषेक सिंह ने बताया कि निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

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