Adhik Maas 2026: अधिकमास में क्यों किया जाता है 33 मालपुआ का दान

अधिकमास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा. इस दौरान 33 मालपुआ दान करने का महत्व है.

इसका वर्णन पद्म पुराण में भी मिलता है. आइए जानते हैं पुरुषोत्तम मास में 33 मालपुए दान से क्या होता है.

अन्न, वस्त्र, घड़ा, छाता, जल आदि के साथ ही अधिकमास में 33 मालपुए भी दान करने का महत्व पद्म पुराण में बताया गया है.

अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित है और विष्‍णुजी को मालपुए का भोग अधिक प्रिय है.

इसलिए इस माह भगवान विष्‍णु की पूजा में उन्हें मालपुआ का भोग लगाना चाहिए.

इसके बाद इसे मंदिर या जरूरतमंदों में दान करना चाहिए. इससे विष्णु कृपा प्राप्त होती है.

लेकिन असल सवाल यह है कि आखिर 33 मालपुए का दान ही क्यों करें. 33 मालपुए ही क्‍यों?

इसका कारण यह है कि शास्त्रों में 33 कोटि देवता माने गए हैं. इसलिए पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) में 33 मालपुए का दान करना चाहिए

इससे सभी 33 देवों की तृप्ति हो जाती है. सात ही पितृ भी प्रसन्न होते हैं.

मान्यता है कि, अधिकमास में 33 मालपुआ का दान कांसे के पात्र में ही करना चाहिए.

इससे पितृ दोष और दरिद्रता दूर होती है. साथ ही 33 मालपुए के दान से जीवन में खुशहाली आती है.