कामाख्या मंदिर में अंबुबाची मेला आज से शुरू, जानें तांत्रिकों को इस मेले का क्यों रहता है  इंतजार

कामाख्या देवी मंदिर में अंबुबाची मेला आज से शुरू हो चुका है। यह मेला 26 जून, शुक्रवार तक चलेगा

हर साल जून के महीने में इस मेले का आयोजन होता है जहां देशभर से श्रद्धालु, साधु-संत ही नहीं बल्कि, दूर-दूर से तांत्रिक भी शामिल होते हैं

इस दौरान 3 दिनों तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और चौथे दिन देवी की विशेष पूजा की जाती है आईये जानते है

मां कामाख्या देवी मंदिर में वर्ष में एक बार अंबुबाची मेला लगता है। यह मेला तांत्रिकों के लिए भी बहुत खास माना जाता है

इस दौरान यहां तांत्रिकों द्वारा गुप्त साधना की जाती है। साथ ही, मेले में 3 दिनों तक कामाख्या मंदिर के गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.

मान्यता है की यह अवधि देवी के विश्राम का समय होता है क्योंकि, माता रजस्वला से गुजरती हैं

इसीलिए उन्हें पूरा आराम दिया जाता है, ऐसे में तीन दिनों तक मंदिर में किसी भी प्रकार की पूजा और दर्शन नहीं होते हैं

इस मेले में मंदिर के गर्भगृह में देवी कामाख्या के पास सफेद रंग का कपड़ा रखा जाता है

रजस्वला होने के बाद जब वस्त्र पूरी तरह लाल हो जाते हैं, तो इसे भक्तों को प्रसाद के रूप में दे दिया जाता है

इसके बाद, चौथे दिन कामाख्या देवी को 'शुद्धि स्नान' कराया जाता है, जिसके साथ ही मां का विश्राम समाप्त होता है

फिर, मंदिर के कपाट सभी भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं और देवी की विशेष पूजा की जाती है