गर्मी शुरू होते ही AC की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है और इसी जल्दबाजी में कई लोग गलत मॉडल चुन लेते हैं.
गर्मी शुरू होते ही AC की डिमांड तेजी से बढ़ जाती है और इसी जल्दबाजी में कई लोग गलत मॉडल चुन लेते हैं.
ऐसे में AC खरीदते टाइम कुछ खास बातों का ध्यान देना चाहिए...
ऐसे में AC खरीदते टाइम कुछ खास बातों का ध्यान देना चाहिए...
टन क्षमता चुनें- छोटा AC बड़े कमरे को ठंडा नहीं कर पाएगा और जरूरत से ज्यादा टन वाला AC बेवजह बिजली खाएगा.
टन क्षमता चुनें- छोटा AC बड़े कमरे को ठंडा नहीं कर पाएगा और जरूरत से ज्यादा टन वाला AC बेवजह बिजली खाएगा.
स्टार रेटिंग- ज्यादा स्टार रेटिंग वाला AC कम बिजली खपत करता है.
स्टार रेटिंग- ज्यादा स्टार रेटिंग वाला AC कम बिजली खपत करता है.
इन्वर्टर AC या नॉन-इन्वर्टर में फर्क-इन्वर्टर AC जरूरत के हिसाब से अपनी कंप्रेसर स्पीड घटाता बढ़ाता है, जिससे बिजली की बचत होती हैनॉन-इन्वर्टर AC बार-बार ऑन ऑफ होता है, जिससे पावर खपत बढ़ती है.
इन्वर्टर AC या नॉन-इन्वर्टर में फर्क-इन्वर्टर AC जरूरत के हिसाब से अपनी कंप्रेसर स्पीड घटाता बढ़ाता है, जिससे बिजली की बचत होती हैनॉन-इन्वर्टर AC बार-बार ऑन ऑफ होता है, जिससे पावर खपत बढ़ती है.
स्प्लिट या विंडो AC-स्प्लिट AC दिखने में बेहतर और आवाज में शांत होता है, इसलिए बेडरूम और लिविंग रूम के लिए पसंद किया जाता है.विंडो AC सस्ता और इंस्टॉल करना आसान होता है, लेकिन शोर ज्यादा कर सकता है.
स्प्लिट या विंडो AC-स्प्लिट AC दिखने में बेहतर और आवाज में शांत होता है, इसलिए बेडरूम और लिविंग रूम के लिए पसंद किया जाता है.विंडो AC सस्ता और इंस्टॉल करना आसान होता है, लेकिन शोर ज्यादा कर सकता है.
इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस खर्चकई बार सस्ता AC लेकर लोग इंस्टॉलेशन में ज्यादा पैसा दे देते हैं. ऐसे में सर्विस सेंटर और वारंटी शर्तें पहले से समझ लेना जरूरी है.
इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस खर्चकई बार सस्ता AC लेकर लोग इंस्टॉलेशन में ज्यादा पैसा दे देते हैं. ऐसे में सर्विस सेंटर और वारंटी शर्तें पहले से समझ लेना जरूरी है.