क्या सच में लग जाती है किसी की नजर, क्या है इसके पीछे का साइंस?
दुनिया में हर व्यक्ति अलग तरह की ऊर्जा के साथ जीता है, जो उसकी सोच, व्यवहार और आदतों से बनती है.
सामान्य तौर पर हमारे आसपास सकारात्मक माहौल होता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति अत्यधिक ईर्ष्या या नकारात्मक भावनाओं के साथ हमें देखता है
तो उसका प्रभाव हमारे स्वभाव और काम पर पड़ने लगता है. लोग इसे ही अपनी भाषा में बुरी नजर लगना कहते हैं.
विज्ञान बुरी नजर के अस्तित्व को सिरे से खारिज करता है और इसे केवल एक अंधविश्वास मानता है.
विज्ञान के मुताबिक इंसानी आंखों से ऐसी कोई हानिकारक किरणें या रेडिएशन नहीं निकलती हैं जो किसी दूसरे इंसान को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा सकें.
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