CBSE New Rule: 10वीं में पहली बोर्ड परीक्षा जरूरी तभी मिलेगा दूसरा मौका, 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी किया बड़ा बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE) ने 2026 से लागू नई दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली को लेकर बड़ा फैसला लिया है

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं बोर्ड के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य होगा, तभी दूसरा मौका मिलेगा

जो छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होंगे या तीन से ज्यादा विषय छोड़ देंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा देने का मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगली साल फिर से बोर्ड परीक्षा देनी पड़ेगी

सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम (supplementary exam) देने के नियम में बड़ा बदलाव किया है

पूर्व तक 12वीं का रिजल्ट आने के बाद स्टूडेंट्स 1 से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार के लिए सप्लीमेंट्री यानी इंप्रूवमेंट एग्जाम में शामिल हो सकते थे, ये सप्लीमेंट्री एग्जाम रिजल्ट आने के दो महीने के अंदर आयोजित होता था

इस नियम में सीबीएसई ने बड़ा बदलाव किया है। अब 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे

CBSE New Rule: सीबीएसई का नया नियम, 10वीं में पहली बोर्ड परीक्षा जरूरी तभी मिलेगा दूसरा मौका, 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी किया बड़ा बदलाव