Chaitra Purnima: स्नान-दान की पूर्णिमा 2 अप्रैल को, जानें चैत्र पूर्णिमा का महत्व
Chaitra Purnima: स्नान-दान की पूर्णिमा 2 अप्रैल को, जानें चैत्र पूर्णिमा का महत्व
2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. वहीं चंद्रमा पूजन के लिए 1 अप्रैल की तिथि शुभ रहेगी.
2 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. वहीं चंद्रमा पूजन के लिए 1 अप्रैल की तिथि शुभ रहेगी.
उदयातिथि के आधार पर 2 अप्रैल 2026 को स्नान-दान करना अधिक शुभ माना जा रहा है.
उदयातिथि के आधार पर 2 अप्रैल 2026 को स्नान-दान करना अधिक शुभ माना जा रहा है.
क्योंकि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.
क्योंकि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.
स्नान-दान के लिए 2 अप्रैल सुबह 4:38 से सुबह 5:24 तक का समय शुभ रहेगा.
स्नान-दान के लिए 2 अप्रैल सुबह 4:38 से सुबह 5:24 तक का समय शुभ रहेगा.
इस समय में स्नान न कर पाएं तो सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक जरूर कर लें.
इस समय में स्नान न कर पाएं तो सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक जरूर कर लें.
पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल को चंद्रदोय (Moon Rise) का समय शाम 06:06 बजे रहेगा.
पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल को चंद्रदोय (Moon Rise) का समय शाम 06:06 बजे रहेगा.
चैत्र पूर्णिमा हिंदू धर्म की पवित्र तिथियों में एक. चैत्र माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को चैती पूनम के नाम से भी जाना जाता है.
चैत्र पूर्णिमा हिंदू धर्म की पवित्र तिथियों में एक. चैत्र माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को चैती पूनम के नाम से भी जाना जाता है.
इस पवित्र दिन पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. भक्त व्रत रखते है और भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है
इस पवित्र दिन पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. भक्त व्रत रखते है और भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है
मान्यता है कि, पूर्णिमा की रात चंद्रमा की दिव्य किरणें पृथ्वी पर पड़ती है.
मान्यता है कि, पूर्णिमा की रात चंद्रमा की दिव्य किरणें पृथ्वी पर पड़ती है.
इसलिए चंद्र देव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोग आज चंद्र देव का पूजन करते हैं और चांदनी में बैठते हैं.
इसलिए चंद्र देव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोग आज चंद्र देव का पूजन करते हैं और चांदनी में बैठते हैं.
– पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान, विष्णु मंत्र का जाप, चंद्र देव की पूजा और सत्यनारायण कथा का पाठ करने करना भी शुभ होता है.
– पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान, विष्णु मंत्र का जाप, चंद्र देव की पूजा और सत्यनारायण कथा का पाठ करने करना भी शुभ होता है.