गोवा में मनाया जाता है 'चिखल कालो' और 'साओ जोआओ', जानिये खसियत...
जून-जुलाई का मौसम आते ही कई ऐसे फेस्टिवल मनाए जाने लगते हैं जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं।
उन्हीं में से गोवा में भी मनाए जाने वाले फेस्टिवल्स हैं
गोवा आमतौर पर लोग बीच पर चिल करने, नाइट लाइफ एंजॉय करने और पार्टी करने के लिए जाते हैं, लेकिन यहां की अनोखी सांस्कृतिक परंपराएं भी बहुत खूबसूरत हैं
यहां जून-जुलाई के महीने में 'साओ जोआओ' और 'चिखल कालो' जैसे फेस्टिवल्स मनाए जाते हैं
यहां जून-जुलाई के महीने में 'साओ जोआओ' और 'चिखल कालो' जैसे फेस्टिवल्स मनाए जाते हैं
गोवा का साओ जोआओ (Sao Joao) सबसे फेमस मानसून फेस्टिवल्स में से एक है
ये फेस्टिवल संत जॉन द बैपटिस्ट (Saint John the Baptist) को समर्पित है। इसे हर साल 24 जून को मनाया जाता है
इस त्योहार की सबसे खास बात तो ये है कि लोग तालाबों, कुओं, नदियों और झरनों में छलांग लगाकर कूदते हैं और एंजॉय करते हैं
चिखल कालो
आमतौर पर लोग कीचड़ को गंदगी मानते हैं, लेकिन गोवा में इसी कीचड़ में लोग खेलकर त्योहार मनाते हैं
ये फेस्टिवल गोवा के मार्सेल गांव में मनाया जाता है। कहते हैं कि 400 सालों से इस त्योहार को मनाने की परंपरा चली आ रही है