Dhar Bhojshala Dispute: किसने बनवाई थी धार भोजशाला, जिसे हाईकोर्ट ने बताया मंदिर

धार भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला आ चुका है

एएसआई की रिपोर्ट में यहां 94 हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और परमार कालीन सिक्के मिलने की पुष्टि हुई थी. अब एएसआई इसकी निगरानी करेगा.

किसने बनवाई थी धार भोजनशाला?

इतिहास के पन्ने पलटने पर पता चलता है कि परमार वंश के सबसे प्रतापी राजा भोज ने साल 1034 में इस भव्य संरचना की नींव रखी थी.

धार जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस बात का उल्लेख है कि राजा भोज ने यहां एक बड़े महाविद्यालय (यूनिवर्सिटी) की स्थापना की थी

जिसे बाद में भोजशाला के नाम से ख्याति मिली. राजा भोज स्वयं ज्ञान, कला और साहित्य के महान संरक्षक थे

इसलिए उन्होंने इसे मां सरस्वती को समर्पित किया था. हालांकि, बाद के मुस्लिम आक्रांताओं और शासकों ने इस मंदिर के ढांचे को क्षतिग्रस्त कर इसे मस्जिद में बदलने का प्रयास किया

लेकिन मंदिर के प्राचीन अवशेष और खंभों पर उकेरी गई संस्कृत की इबारतें आज भी वहां की दीवारों में जीवित हैं.

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