Diwali 2026: औरंगजेब ने पटाखों पर क्यों लगाई थी बंदिश

दीवाली का पावन अवसर हमेशा से ही दीपों की कतारों, जगमगाती रोशनी और खुशियों के प्रतीक के रूप में पहचाना जाता रहा है

सत्रहवीं शताब्दी में मुगल बादशाह औरंगजेब ने आतिशबाजी के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी.

सत्रहवीं सदी का शाही फरमान... वर्ष 1667 में मुगल शासक औरंगजेब ने साम्राज्य के सभी प्रांतीय अधिकारियों को एक विशेष शाही आदेश जारी किया.

इस फरमान में स्पष्ट किया गया था कि पूरे मुगल क्षेत्र में किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक आयोजन में बारूद और आतिशबाजी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

त्योहारों के दौरान अत्यधिक शोर-शराबा, आतिशबाजी का प्रदर्शन और फिजूलखर्ची उसके सिद्धांतों के विपरीत थी.

इसी सोच के तहत उसने आतिशबाजी के सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करने और धार्मिक आयोजनों में सादगी बनाए रखने के उद्देश्य से यह सख्त कदम उठाया था.

दुनिया के किन देशों में ऑनलाइन खरीद सकते हैं शराब, जानिये नियम