गर्मी में गाड़ी के अंदर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, वरना कार का कबाड़ा होना पक्का
गर्मी में गाड़ी के अंदर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, वरना कार का कबाड़ा होना पक्का
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही सिर्फ इंसान ही नहीं, आपकी कार भी तेज गर्मी की मार झेलती है.
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही सिर्फ इंसान ही नहीं, आपकी कार भी तेज गर्मी की मार झेलती है.
बाहर अगर तापमान 35 डिग्री सेल्सियस हो, तो कार के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में 50 से 60 डिग्री तक पहुंच सकता है.
बाहर अगर तापमान 35 डिग्री सेल्सियस हो, तो कार के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में 50 से 60 डिग्री तक पहुंच सकता है.
ऐसी गर्म कार के अंदर अगर कुछ खतरनाक चीजें छोड़ दी जाएं, तो वे फट सकती हैं, आग पकड़ सकती हैं या बड़ा हादसा कर सकती हैं.
ऐसी गर्म कार के अंदर अगर कुछ खतरनाक चीजें छोड़ दी जाएं, तो वे फट सकती हैं, आग पकड़ सकती हैं या बड़ा हादसा कर सकती हैं.
तो आइए जानते हैं कि गर्मी में गाड़ी के अंदर भूलकर भी कौन सी 5 चीजें न रखें.
तो आइए जानते हैं कि गर्मी में गाड़ी के अंदर भूलकर भी कौन सी 5 चीजें न रखें.
सिगरेट लाइटर-लाइटर के अंदर गैस और ज्वलनशील पदार्थ भरा होता है. जब कार के अंदर का तापमान बढ़ता है, तो गैस फैलने लगती है और लाइटर के अंदर दबाव बढ़ जाता है
सिगरेट लाइटर-लाइटर के अंदर गैस और ज्वलनशील पदार्थ भरा होता है. जब कार के अंदर का तापमान बढ़ता है, तो गैस फैलने लगती है और लाइटर के अंदर दबाव बढ़ जाता है
मोबाइल चार्जर-इन सभी गैजेट्स में लिथियम-आयन बैटरी होती है. ज्यादा तापमान में यह बैटरी गर्म होकर फूल सकती है और फट भी सकती है.
मोबाइल चार्जर-इन सभी गैजेट्स में लिथियम-आयन बैटरी होती है. ज्यादा तापमान में यह बैटरी गर्म होकर फूल सकती है और फट भी सकती है.
डियोड्रेंट, परफ्यूम-तेज गर्मी के कारण इनके अंदर गैस फैलती है और बोतल फट सकती है.
डियोड्रेंट, परफ्यूम-तेज गर्मी के कारण इनके अंदर गैस फैलती है और बोतल फट सकती है.
पानी की बोतल-अगर पारदर्शी प्लास्टिक या कांच की बोतल धूप में रखी हो, तो वह मैग्नीफाइंग ग्लास की तरह काम कर सकती है.
पानी की बोतल-अगर पारदर्शी प्लास्टिक या कांच की बोतल धूप में रखी हो, तो वह मैग्नीफाइंग ग्लास की तरह काम कर सकती है.
चश्मा डैशबोर्ड पर रखना- इससे डैशबोर्ड की प्लास्टिक गर्म होकर पिघल सकती है या आग लग सकती है. रीडिंग ग्लास और सनग्लास दोनों में यह खतरा होता है
चश्मा डैशबोर्ड पर रखना- इससे डैशबोर्ड की प्लास्टिक गर्म होकर पिघल सकती है या आग लग सकती है. रीडिंग ग्लास और सनग्लास दोनों में यह खतरा होता है
कार पार्क-धूप में कार खड़ी करनी पड़े तो सनशेड का इस्तेमाल करें. कार के अंदर ज्वलनशील चीजें न छोड़ें.
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