आकार से लेकर मिट्टी चुनने तक, सावन में भूलकर भी न करें ये गलतियां

सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान घरों में मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की पूजा की जाती है

सावन में पार्थिव शिवलिंग की आराधना करने से भगवान शिव सभी संकट दूर करते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं

लेकिन घर पर शिवलिंग बनाते समय मिट्टी के चुनाव से लेकर उसके आकार तक कई धार्मिक नियमों का पालन करना जरूरी होता है

घर पर पार्थिव शिवलिंग कैसे बनाएं? चलिए जानते है.

सबसे पहले साफ मिट्टी को अच्छी तरह छान लें ताकि उसमें कंकड़ या तिनके न रहें. अब इसमें थोड़ा सा गंगाजल और घी मिलाकर इसका एक मुलायम डो तैयार करें

अब गूंथी हुई मिट्टी के दो हिस्से करें.  पहले हिस्से से गोल या अंडाकार पिंडी तैयार करें। दूसरे हिस्से से नीचे की जलहरी बनाएं.

अब वेदी के ठीक बीच में पिंडी को स्थापित करें और ध्यान रखें कि जलहरी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए. इसे चिकना करने के लिए हल्के हाथों से पानी या घी का इस्तेमाल करें

– शिवलिंग में कहीं भी दरार या क्रैक न हो। खंडित या दरार वाले शिवलिंग की पूजा वर्जित मानी जाती है।