Gandhi Jayanti Special: आंदोलन से आजादी तक, गांधी जी के जीवन से जुड़ी हैं ये 7 जगहें
गांधी जयंती उस दौर को याद करने का मौका है जब भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सत्य और अहिंसा जैसे विचारों ने नई दिशा दिखाई.
हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है. इस साल उनकी 157वीं जयंती है.
तो आइए जानते हैं कि गांधी जी के जीवन से जुड़ी 7 जगहें कौन-सी है.
गांधी जी की कहानी की शुरुआत गुजरात के पोरबंदर से होती है. उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को यहीं हुआ था.
मई 1915 में गांधी जी ने भारत में अपना पहला आश्रम अहमदाबाद के कोचरब में स्थापित किया. 25 मई को शुरू हुआ यह आश्रम जून 1917 तक रहा.
1917 में गांधी जी कोचरब से साबरमती नदी के किनारे चले गए. यह जगह उनके सामाजिक और राजनीतिक काम का एक प्रमुख केंद्र बना. खादी, आत्मनिर्भरता, शिक्षा और सामाजिक सुधार से जुड़े उनके प्रयोग यहां हुए.
1917 में गांधी जी नील की खेती करने वाले किसानों की समस्याओं को समझने बिहार के चंपारण पहुंचे. अधिकारियों के क्षेत्र छोड़ने के आदेश के बाद भी उन्होंने वहां रुक कर किसानों की शिकायतों की जांच की.
1918 में फसल खराब होने के बाद खेड़ा के किसानों ने भूमि राजस्व में राहत की मांग की. गांधी जी ने उनके आंदोलन का समर्थन किया. खेड़ा सत्याग्रह उनके शुरुआती आंदोलनों में शामिल था, जिसमें उन्होंने स्थानीय किसानों और नेताओं के साथ काम किया.
दांडी का नाम गांधी जी के नमक सत्याग्रह से जुड़ा है. 12 मार्च 1930 को साबरमती से शुरू हुई यात्रा करीब एक महीने बाद 6 अप्रैल को दांडी पहुंची. यहां गांधी जी ने समुद्र के पानी से नमक बनाकर अंग्रेजी नमक कानून को तोड़ा.
मुंबई के गामदेवी में स्थित मणि भवन 1917 से 1934 के बीच गांधी जी का बॉम्बे मुख्यालय रहा. यहां से सत्याग्रह, स्वदेशी, खादी और सविनय अवज्ञा से जुड़े कई काम हुए.
1919 में रॉलेट सत्याग्रह की शुरुआत भी यहीं से हुई थी. 4 जनवरी 1932 की सुबह गांधी जी को इसी भवन की छत से गिरफ्तार किया गया था.
इस देश के लोग करते हैं सबसे ज्यादा खुदकुशी, किस नंबर पर है भारत?