Ganesh Visarjan 2026: उत्तर पूजा के बिना क्यों अधूरा है गणपति विसर्जन? जाने वजह

इस साल गणपत‍ि व‍िसर्जन 25 स‍ितंबर को क‍िया जा रहा है

कई घरों में विसर्जन से पहले एक खास पूजा की जाती है, जिसे उत्तर पूजा कहा जाता है

जिस तरह गणपति जी को घर लाकर उनका स्वागत किया जाता है, उसी तरह विसर्जन से पहले सम्मान के साथ उन्हें विदा भी किया जाता है

उत्तर पूजा को बप्पा की विदाई वाली पूजा कह सकते हैं। पूरे 10 दिनों तक रोज बप्पा की पूजा, आरती और भोग लगाने के बाद जब विसर्जन का समय आता है

तो उन्हें अचानक उठाकर नहीं ले जाया जाता है बल्कि उससे पहले एक आखिरी पूजा की जाती है, जिसे उत्तर पूजा कहते हैं.

इसी पूजा के जरिए हम गणेश भगवान को बहुत आदर और सम्मान के साथ विदाई देते हैं. पूजा खत्म होने के बाद मूर्ति को अपनी जगह से थोड़ा सा आगे खिसका दिया जाता है

इसका मतलब यह होता है कि अब बप्पा अपने आसन से आगे बढ़ चुके हैं और विसर्जन के लिए जाने को तैयार हैं

इससे साफ है कि उत्तर पूजा सिर्फ कोई आम पूजा नहीं है बल्कि यह बप्पा को प्यार से विदा करने की शुरुआत होती है

डेढ़ लाख के ऊपर पहुंचा सोना, 24 से लेकर 18 कैरेट तक के बढ़ गए रेट जानिये