गौ पालकों को मालामाल बना रही स्कीम, अब तक 541.66 करोड़ रूपए का भुगतान

क्या है गोधन न्याय योजना

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना (Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana)  राज्य के किसानों और पशुपालकों के लिए बनाई गई,  इस योजना के तहत राज्य में जो भी किसान गाय पालता है, उससे गाय का गोबर खरीदा जाता है। इससे उनकी आय में वृद्धि होती है.

कब हुई योजना का शुरुआत

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना को 21 जुलाई 2020 को लागू की गई, इस योजना के तहत पशुपालकों से खरीदे जाने वाले गोबर का इस्तेमाल वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने में किया जा रहा

82,711 क्विंटल गोबर की खरीद

राज्य भर में अब तक 65,694 पशुपालकों ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। जिसमे से 46,764 लाभार्थियों से 82,711 क्विंटल गोबर की खरीद की जा चुकी है।

गोबर से क्या-क्या बनाया जाता हैं

खरीदे गए गोबर से जैविक खाद, दीये, अगरबत्ती और गुलाल समेत कई तरह के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं.

गोबर और गौमूत्र खरीदने के दाम तय

सरकार ने गौ पालकों से गोबर और गौमूत्र खरीदने के दाम तय कर रखे हैं. गाय के गोबर को 2 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा जाता है और गौमूत्र को 4 रुपये प्रतिलीटर दाम पर खरीदा जाता है.

महिलाओं को मिला रोजगार

इस योजना के तहत कई महिलाओं को रोजगार मिला बल्कि किसानों में भी पशुपालन को लेकर रुचि बढ़ी है. इसके साथ ही देश के कई अन्य राज्यों में गोधन न्याय योजना जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं.

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