Holi In Braj: आखिर ब्रज में 40 दिन तक क्यों मनाई जाती है होली?
Holi In Braj: आखिर ब्रज में 40 दिन तक क्यों मनाई जाती है होली?
ब्रज में होली सिर्फ रंगों का एक दिन का त्यौहार नहीं होता बल्कि यह 40 दिनों तक चलता है.
ब्रज में होली सिर्फ रंगों का एक दिन का त्यौहार नहीं होता बल्कि यह 40 दिनों तक चलता है.
भगवान श्री कृष्ण की भूमि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल में होली काफी धूमधाम से मनाई जाती है.
भगवान श्री कृष्ण की भूमि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल में होली काफी धूमधाम से मनाई जाती है.
आइए जानते हैं की ब्रज में 40 दिनों तक होली क्यों मनाई जाती है और इसका ऐतिहासिक कारण क्या है.
आइए जानते हैं की ब्रज में 40 दिनों तक होली क्यों मनाई जाती है और इसका ऐतिहासिक कारण क्या है.
40 दिन की यह होली वसंत के धीरे-धीरे आने के साथ मेल खाती है.
40 दिन की यह होली वसंत के धीरे-धीरे आने के साथ मेल खाती है.
जैसे-जैसे प्रकृति धीरे-धीरे खिलती है ब्रज के लोग इस मौसम की खुशी को संगीत, नृत्य, रंग और अनुष्ठानों के जरिए व्यक्त करते हैं.
जैसे-जैसे प्रकृति धीरे-धीरे खिलती है ब्रज के लोग इस मौसम की खुशी को संगीत, नृत्य, रंग और अनुष्ठानों के जरिए व्यक्त करते हैं.
ऐसा माना जाता है कि श्री कृष्ण ने असली त्योहार से काफी पहले ही होली को खेलना शुरू कर दिया था. वे राधा और गोपियों को रंगों से चिढ़ाते थे.
ऐसा माना जाता है कि श्री कृष्ण ने असली त्योहार से काफी पहले ही होली को खेलना शुरू कर दिया था. वे राधा और गोपियों को रंगों से चिढ़ाते थे.
बरसाना और नंदगांव में लठमार होली, वृंदावन में फूलों वाली होली और गोकुल में छड़ी मार होली मनाई जाती है.
बरसाना और नंदगांव में लठमार होली, वृंदावन में फूलों वाली होली और गोकुल में छड़ी मार होली मनाई जाती है.