तिरुपति और शिरडी साईं जैसे मंदिरों में कैसे होती है चंदे की गिनती

तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित तिरुपति वेंकटेश्वरा मंदिर में चढ़ावे को गिनने के लिए परकामनी नाम से एक खास और सुरक्षित परिसर बनाया गया है.

तेलुगु परंपरा के अनुसर परकामनी का अर्थ दान की सटीक गिनती और उसका लेखा-जोखा करना होती है.

साल 2023 से तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने एक नया और हाईटेक परकामनी भवन शुरू किया है.

यह एक विशाल वातानुकूलित हॉल है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होता है.

इस भवन में सुरक्षा और पारदर्शिता का स्तर ऐसा है कि कुछ हिस्सों में कांच की दीवारें हैं, ताकि बाहर से आम श्रद्धालु अपनी आंखों से पूरी गिनती को साफ तरीके से देख सकें.

शिरडी में दान की गिनती

महाराष्ट्र का शिरडी साईबाबा मंदिर भी देश में सबसे ज्यादा चढ़ावा प्राप्त करने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है.

मंदिर परिसर में रखे गए सभी दानपात्रों को पूरी तरह से सील करके एक अत्यंत सुरक्षित और सीसीटीवी कैमरों से लैस विशेष कमरे में लेकर जाया जाता है.

पूरी प्रक्रिया के दौरान मंदिर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी अनिवार्य रूप से वहां शामिल होते हैं, ताकि एक-एक पैसे का हिसाब हो सके.

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