पॉलीमर नोटों को छापने में कितना आता है खर्च, RBI के कागज के नोट से महंगा या सस्ता?

RBI देश की मुद्रा व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव करने की तैयारी में है.

आरबीआई ने प्लास्टिक नोटों के संचालन को लेकर गंभीर चर्चाएं की हैं. चलिए जानें कि दोनों में से किसे छापने में ज्यादा खर्चा होता है.

पॉलीमर नोटों का निर्माण आम सूती धागे या कपास से बने कागज के बजाय एक विशेष प्रकार के पॉलिप्रोपाइलीन प्लास्टिक सबस्ट्रेट का उपयोग करके किया जाता है

इन नोटों में नकली मुद्रा और जालसाजी को पूरी तरह रोकने के लिए कई बेहतरीन और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जाते हैं.

वह सामान्य कागजी नोटों की तुलना में लगभग 2 से 3 गुना तक अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है.

एक सामान्य कागज के नोट को छापने के लिए आरबीआई को करीब 1 रुपये से लेकर 3 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं

वहीं ठीक उसी मूल्यवर्ग के एक नए पॉलीमर नोट को तैयार करने में शुरुआत में हर नोट पर करीब 2 रुपये से लेकर 6 रुपये तक का भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.

इसी तरह अगर बड़े मूल्यवर्ग के नोट की बात की जाए तो 500 रुपये के एक कागजी नोट को प्रिंट करने का खर्च लगभग 2.29 रुपये से लेकर 3 रुपये के बीच बैठता है.

अगर हम छोटे नोटों के सटीक खर्च को देखें तो एक 10 रुपये के कागजी नोट को छापने में लगभग 1.01 रुपये का खर्च आता है.

इसके अलावा मध्यम स्तर के 50 रुपये के एक कागजी नोट को तैयार करने में रिजर्व बैंक को लगभग 1.22 रुपये का उत्पादन खर्च उठाना पड़ता है.

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