ट्विशा की सास को कितनी मिलती है पेंशन? जाने और कौन-कौन सी मिलेंगी सुविधाएं
ट्विशा की सास को कितनी मिलती है पेंशन? जाने और कौन-कौन सी मिलेंगी सुविधाएं
भोपाल में ट्विशा शर्मा मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के सास को एक नोटिस जारी किया है.
भोपाल में ट्विशा शर्मा मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के सास को एक नोटिस जारी किया है.
यह नोटिस राज्य सरकार की उस याचिका के बाद जारी किया गया है जिसमें सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के चलते गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई थी.
यह नोटिस राज्य सरकार की उस याचिका के बाद जारी किया गया है जिसमें सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के चलते गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई थी.
इसी बीच आइए जानते हैं कि एक रिटायर्ड जज को क्या सुविधा मिलती है.
इसी बीच आइए जानते हैं कि एक रिटायर्ड जज को क्या सुविधा मिलती है.
रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिलने वाली पेंशन की सही रकम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है.
रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मिलने वाली पेंशन की सही रकम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है.
न्यायपालिका के कई रिटायर्ड जजों को अधिक तौर पर हर महीने औसतन लगभग ₹19000 से ₹20000 की पेंशन दी जा रही थी.
न्यायपालिका के कई रिटायर्ड जजों को अधिक तौर पर हर महीने औसतन लगभग ₹19000 से ₹20000 की पेंशन दी जा रही थी.
मौजूदा न्यायिक पेंशन नियमों के तहत रिटायर्ड जजों को आमतौर पर अपने अंतिम मूल वेतन का लगभग 50% मासिक पेंशन के रूप में दिया जाता है.
मौजूदा न्यायिक पेंशन नियमों के तहत रिटायर्ड जजों को आमतौर पर अपने अंतिम मूल वेतन का लगभग 50% मासिक पेंशन के रूप में दिया जाता है.
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए सेवाकाल और सेवा शर्तों के आधार पर सालाना पेंशन की रकम कथित तौर पर ₹13.5 लाख से ₹15 लाख या फिर उससे ज्यादा हो सकती है.
हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए सेवाकाल और सेवा शर्तों के आधार पर सालाना पेंशन की रकम कथित तौर पर ₹13.5 लाख से ₹15 लाख या फिर उससे ज्यादा हो सकती है.
पेंशन के अलावा रिटायर्ड जजों और उनके जीवनसाथी को रिटायरमेंट के बाद चिकित्सा सुविधा दी जाती है.
पेंशन के अलावा रिटायर्ड जजों और उनके जीवनसाथी को रिटायरमेंट के बाद चिकित्सा सुविधा दी जाती है.
वे केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत या फिर सरकार द्वारा मंजूरशुदा पैनल में शामिल अस्पतालों के जरिए इलाज करवा सकते हैं.
वे केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत या फिर सरकार द्वारा मंजूरशुदा पैनल में शामिल अस्पतालों के जरिए इलाज करवा सकते हैं.