पहाड़ों पर बने घर कितने सुरक्षित, कितनी होती है इनकी उम्र?

पहाड़ों की रानी शिमला अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है.

लेकिन पिछले कुछ समय से यहां से आने वाली तस्वीरें डराने वाली हैं. हाल ही में शिमला के भट्टाकुफर, ढली और संजौली जैसे इलाकों में सुरंग और हाईवे निर्माण के चलते कई मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं.

इसके अलावा शकराला गांव और कृष्णा नगर में जमीन धंसने और भूस्खलन के कारण बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गईं.

शिमला में अंधाधुंध तरीके से बनाए जा रहे कंक्रीट के बहुमंजिला मकान सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक स्थिति में हैं.

किसी भी पहाड़ी इलाके में 30 डिग्री से अधिक की ढलान पर भारी कंक्रीट का निर्माण करना खतरे को न्योता देना है.

लेकिन शिमला में कई जगह 45 से लेकर 70 डिग्री तक की खड़ी ढलानों पर पांच से छह मंजिला इमारतें खड़ी कर दी गई हैं.

भूकंप के लिहाज से शिमला सीस्मिक जोन 4 में आता है, जिसका मतलब है कि यह इलाका बेहद संवेदनशील है.

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