कैसे जलाएं यम का दीपक, कब, कहां और कैसे करें दीपदान

हर साल नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं. धनतेरस पर यम का दीपक निकालने की परंपरा चली आ रही है

कुछ लोग धनतेरस तो कुछ लोग नरक चतुर्दशी के दिन दीपदान करते हैं

आपके मन में भी ये सवाल जरूर होगा कि दीपदान कैसे, किस समय और कहां करना चाहिए?

किस दिशा में यम का दीपक जलाना चाहिए? घर की दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज माने जाते हैं.  धनतेरस के दिन घर की दक्षिण दिशा में एक चार मुख वाला दीपक जलाना चाहिए

कैसे जलाएं यम का दीपक? आटे का चौमुखा (चार मुख वाला) दीपक बनाएं..  दीपक में चार बाती लगाकर सरसों का तेल भरें। घर की दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाएं

धनतेरस के दिन यम का दीपक मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में जलाया जाता है..  मान्यता है कि इस दिन घर के मुख्य द्वार की दक्षिण दिशा में दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है

दीपदान कहां करना चाहिए? 1. दीपदान आप किसी नदी, तालाब या पानी के किनारे कर सकते हैं. 2. तुलसी, पीपल, केला, और आंवले के पेड़ के नीचे भी दीपदान किया जा सकता है. 3. मंदिर के पास भी आप दीपदान कर सकते हैं

दीपदान कब करना चाहिए? धनतेरस और नरक चतुर्दशी के दिन प्रदोष काल के समय दीपदान करना शुभ माना गया है.  आप ब्रह्म मुहूर्त में भी दीपदान कर सकते हैं। यह समय भी शुभ माना गया है