Japan Elections: न रैली और न प्रचार... जापान में महज 12 दिन में कैसे होते हैं इलेक्शन

जापान में सिर्फ 12 दिनों के अंदर ही चुनाव हो जाते हैं.

आइए जानते हैं कि यह भारत की चुनाव प्रक्रिया से किस तरह अलग हैं.

आधिकारिक तौर पर स्वीकृत अवधि के बाहर चुनाव प्रचार करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इसके उलट भारत में चुनाव अक्सर कई हफ्तों या फिर महीनों तक चलते हैं.

जापानी कानून उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर वोट मांगने से सख्ती से रोकता है.

अधिकारियों का ऐसा मानना है कि इस तरह की बातचीत वोटर को अनुचित रूप से प्रभावित या फिर उन पर दबाव डाल सकती है.

हालांकि भारत में घर-घर जाकर प्रचार करना सबसे आम राजनीतिक रणनीतियों में से एक है.

इसमें उम्मीदवार सीधे मतदाताओं से मिलते हैं, पर्चे बांटते हैं और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाते हैं.

भारत की बड़ी चुनावी रैलियों और जोरदार रोड शो के उलट जापान के चुनावी अभियान काफी ज्यादा शांत होते हैं.

उम्मीदवार आमतौर पर लाउडस्पीकर लगी छोटी वैन का इस्तेमाल करके प्रचार करते हैं और रेलवे स्टेशन या फिर व्यस्त चौराहों पर भाषण देते हैं.

शोर के स्तर को भी कंट्रोल किया जाता है. दूसरी तरफ भारत के चुनाव में अक्सर भारी भीड़, भव्य मंच, हेलीकॉप्टर दौरे और बड़े राजनीतिक जुलूस निकाले जाते हैं.