काशी का मणिकर्णिका घाट,जहां मनोकामना नहीं शांति मांगते हैं लोग
काशी का मणिकर्णिका घाट,जहां मनोकामना नहीं शांति मांगते हैं लोग
उत्तर प्रदेश में स्थित काशी को महादेव की नगरी कहा जाता है, क्योंकि यहां कण-कण में महादेव का वास है.
उत्तर प्रदेश में स्थित काशी को महादेव की नगरी कहा जाता है, क्योंकि यहां कण-कण में महादेव का वास है.
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काशी में गंगा नदी तट पर स्थित मणिकर्णिका घाट है, जिसे मोक्षदायनी घाट या महाश्मशान भी कहते हैं.
काशी में गंगा नदी तट पर स्थित मणिकर्णिका घाट है, जिसे मोक्षदायनी घाट या महाश्मशान भी कहते हैं.
काशी का मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की गहरी आध्यात्मिक पहचान भी है.
काशी का मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की गहरी आध्यात्मिक पहचान भी है.
यह ऐसा स्थान है जहां मनोकामना नहीं बल्कि लोग शांति, मुक्ति और मोक्ष के लिए आते हैं.
यह ऐसा स्थान है जहां मनोकामना नहीं बल्कि लोग शांति, मुक्ति और मोक्ष के लिए आते हैं.
मणिकर्णिका घाट पर मृत्यु होना मंगल माना जाता है. यहां दाह संस्कार से आत्मा जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाती है.
मणिकर्णिका घाट पर मृत्यु होना मंगल माना जाता है. यहां दाह संस्कार से आत्मा जीवन-मरण के चक्र से मुक्त हो जाती है.
यही कारण है कि लोग यहां इच्छा-पूर्ति नहीं, बल्कि आत्म की शांति और मुक्ति की कामना लेकर आते हैं.
यही कारण है कि लोग यहां इच्छा-पूर्ति नहीं, बल्कि आत्म की शांति और मुक्ति की कामना लेकर आते हैं.
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