Masik Shivratri 2026: वैशाख मासिक शिवरात्रि आज? जानिये चार प्रहर में पूजा का महत्व
Masik Shivratri 2026: वैशाख मासिक शिवरात्रि आज? जानिये चार प्रहर में पूजा का महत्व
इस साल वैशाख मासिक शिवरात्रि 15 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.
इस साल वैशाख मासिक शिवरात्रि 15 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.
इस दिन रात्रि में श्रद्धा से की गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त को सुख, शांति, दीर्घायु तथा मोक्ष का आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
इस दिन रात्रि में श्रद्धा से की गई पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त को सुख, शांति, दीर्घायु तथा मोक्ष का आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
पूजा मुहूर्त - रात 11.55 से देर रात 12.40, 16 अप्रैल
पूजा मुहूर्त - रात 11.55 से देर रात 12.40, 16 अप्रैल
– पहले प्रहर की पूजा को शारीरिक शुद्धि से जोड़ा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने कर्मों से जुड़े पापों से मुक्ति की प्रार्थना करता है.
– पहले प्रहर की पूजा को शारीरिक शुद्धि से जोड़ा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने कर्मों से जुड़े पापों से मुक्ति की प्रार्थना करता है.
– दूसरे प्रहर में की गई पूजा मानसिक शुद्धि देती है, जिससे नकारात्मक विचार और तनाव दूर होते हैं.
– दूसरे प्रहर में की गई पूजा मानसिक शुद्धि देती है, जिससे नकारात्मक विचार और तनाव दूर होते हैं.
– तीसरे प्रहर की साधना को आध्यात्मिक जागरण का समय माना गया है, जब भक्त का मन ध्यान और भक्ति में गहराई से जुड़ता है.
– तीसरे प्रहर की साधना को आध्यात्मिक जागरण का समय माना गया है, जब भक्त का मन ध्यान और भक्ति में गहराई से जुड़ता है.
– चौथे और अंतिम प्रहर में पूजा करने से पूर्ण फल और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है, क्योंकि यह समय सबसे अधिक दिव्य और शक्तिशाली माना गया है.
– चौथे और अंतिम प्रहर में पूजा करने से पूर्ण फल और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है, क्योंकि यह समय सबसे अधिक दिव्य और शक्तिशाली माना गया है.
– रात्रि के इन चारों प्रहरों में अलग-अलग प्रकार से अभिषेक (जल, दूध, शहद, बेलपत्र आदि से) करने पर भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं.
– रात्रि के इन चारों प्रहरों में अलग-अलग प्रकार से अभिषेक (जल, दूध, शहद, बेलपत्र आदि से) करने पर भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं.
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