Navratri Special: रक्तबीज का वध करके इसी जगह अंतर्ध्यान हो गई थी मां काली...

 कालीमठ मंदिर उत्तराखंड में स्थित है.

 नवरात्रि में बड़ी संख्या में भक्त इस मंदिर में माता काली के दर्शन करने आते हैं.

 तंत्र-मंत्र और ध्यान की साधना करने वाले लोगों के लिए भी यह मंदिर बहुत महत्व रखता है.

 आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ विषेश बातें...

जब धरती पर रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का आतंक बढ़ गया था तब इंद्रादि देवताओं ने शक्ति की साधना की थी.

 देवताओं की साधना से प्रसन्न होकर मां प्रकट हुई और दैत्यों के आतंक के बारे में सुनकर क्रोध से उनका शरीर काला पड़ गया.

 इसके बाद रक्तबीज और शुंभ निशुंभ का वध करने के लिए माता कालीशिला में 12 वर्ष की बालिका के रूप में प्रकट हुई थीं.

 कालीशिला, कालीमठ मंदिर से 8 किलोमीटर दूर खड़ी ऊंचाई पर स्थित है.

 इस शिला पर माता के पैरों के निशान होने की बात भी कही जाती है

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