Ravi Pradosh Vrat: 1 या 2 मार्च, कब है रवि प्रदोष व्रत? जानें सही तिथि

हीने का पहला प्रदोष व्रत 1 मार्च 2026, रविवार के दिन रखा जाएगा, इसलिए इसे 'रवि प्रदोष व्रत' कहा जाएगा

जब प्रदोष व्रत रविवार को पड़ता है, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है

1 मार्च की संध्या में त्रयोदशी विद्यमान रहेगी, इसलिए व्रत 1 मार्च को ही रखा जाएगा

इस दिन संध्या समय भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है

सूर्यास्त के बाद का समय, जब दिन और रात का संधिकाल होता है, वही प्रदोष काल कहलाता है।

इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित करना, दीपक जलाना और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करना विशेष पुण्यदायक माना गया है

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