सावन स्पेशल: वफादार कुत्ते की याद में बना ये ‘ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर’, लगता है भक्तों का मेला

सावन के पावन महीने की शुरुआत के साथ ही शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजने लगे हैं.

मध्य प्रदेश में भगवान शिव के कई अनूठे और ऐतिहासिक मंदिर हैं लेकिन डिंडौरी जिले में स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की कहानी बेहद अलग और दिल को छू लेने वाली है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, अधिकांश शिव मंदिर पूर्व दिशा की ओर होते हैं, लेकिन यह मंदिर पश्चिममुखी है जो स्थापत्य कला में बेहद दुर्लभ माना जाता है.

गर्भगृह में लगभग 3 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग स्थापित है, जहां सावन के मौके पर जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है.

इस मंदिर के नाम और स्थापना के पीछे एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है, जो एक कुत्ते, बंजारा और साहूकार से जुड़ी हुई है. इस मंदिर के नाम और स्थापना के पीछे एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है, जो एक कुत्ते, बंजारा और साहूकार से जुड़ी हुई है.

जब लाखा बंजारे को रुपयों की सख्त जरूरत पड़ी, तो उसने अपने प्यारे और समझदार कुत्ते को एक साहूकार के पास गिरवी रख दिया. कुछ समय बाद साहूकार के घर भीषण चोरी हुई. चोरों ने सारा माल गांव के पास स्थित एक तालाब में छिपा दिया.

वफादार कुत्ता यह सब देख रहा था. सुबह होते ही उसने साहूकार की धोती खींचकर तालाब तक पहुंचाया और छिपाया हुआ पूरा खजाना वापस बरामद करवा दिया

कुत्ते की वफादारी और सूझबूझ से गदगद होकर साहूकार ने बंजारे का पूरा कर्ज माफ कर दिया. इसके बाद साहूकार ने कुत्ते के गले में एक ऋण-मुक्ति पत्र बांधा और उसे मालिक के पास वापस जाने के लिए आजाद कर दिया.