Sawan Special: शिव तांडव स्तोत्र कब और क्यों किया जाता है? जानें इसका महत्व

सावन का पावन महीना शिव आराधना के लिए श्रेष्ठ है. इस दौरान शिव तांडव स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी होता है.

यह स्तोत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और इसकी रचना लंकापति रावण ने की थी.

सावन में शिव तांडव स्तोत्र का जाप करने से स्वास्थ्य लाभ, शत्रु बाधा मुक्ति, आर्थिक समृद्धि और ग्रह दोष निवारण होता है.

सुबह या फिर प्रदोष काल में शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना सर्वोत्तम होता है.

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं.

शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से कुंडली में शनि ग्रह का दुष्प्रभाव समाप्त होता है. पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.

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