कृष्ण जन्माष्टमी पर 15 साल बाद विशेष संयोग,जानिए शुभ मुहूर्त
इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पर 15 साल बाद एक विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें 6 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है.
मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में इसी पावन तिथि को मध्यरात्रि में देवकी के गर्भ से मथुरा के कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था.
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 3-4 सितंबर की मध्य रात्रि 2:30 बजे से शुरू होगी और 5 सितंबर को रात 12:30 बजे तक रहेगी.
इसलिए जन्माष्टमी 4 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 11.05 बजे से प्रारंभ हो रहा है और 12.35 तक रहने वाला है.
वहीं इस दिन रोहिणी नक्षत्र रात 11 बजकर 04 मिनट तक है. इस दौरान भक्त पूरे विधि-विधान से भगवान कृष्ण की पूजा कर सकते हैं.
जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण जयंती योग, हर्षण योग के साथ गुरु के उच्च राशि में होने से हंसराज योग का निर्माण हो रहा है.
साथ ही शुक्र के उच्च राशि में होने से मालव्य राजयोग, सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति बुधादित्य योग और नवपंचम राजयोग बन रहे हैं.
इन शुभ योग में व्रत रखकर विधि विधान के साथ कृष्णजी की पूजा अर्चना करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव में कमी आती है और सभी तरह के दोष भी दूर होते हैं.