शक्ति पीठों में से एक है मैहर का शारदा शक्ति पीठ, यहीं गिरा था माता सती का कंठ और हार
शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है. मां दुर्गा के भक्त मंदिरों सहित शक्ति पीठों में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं.
मैहर की मां शारदा का मंदिर विंध्य पर्वत श्रेणी के त्रिकूट पर्वत पर करीब 600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.
यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. नवरात्रि के दौरान यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं.
मां सती के हार से जुड़ी है मैहर नाम की मान्यता, जानिये
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दक्ष के यज्ञ में अपमानित होने के बाद माता सती ने अपने प्राण त्याग दिए थे.
इसके बाद भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर विचरण करने लगे.
मान्यता है कि भगवान विष्णु ने सृष्टि का संतुलन बनाए रखने के लिए सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंग अलग किए थे, जहां-जहां उनके अंग या आभूषण गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई. त्रिकूट पर्वत पर माता सती का कंठ और गले का हार गिरा था.
इसी वजह से इस स्थान को पहले 'माई हार' कहा जाता था, जो समय के साथ अपभ्रंश होकर 'मैहर' बन गया.
इसी वजह से इस स्थान को पहले 'माई हार' कहा जाता था, जो समय के साथ अपभ्रंश होकर 'मैहर' बन गया.
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