ये हैं संविधान के वे 4 Article, जिन्हें बदले बिना नहीं हो सकता 'एक देश, एक चुनाव'

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, जो कि 13 अगस्त तक चलने वाला है.

इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है.

वहीं पिछले कुछ साल से देश में एक देश, एक चुनाव यानी लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की चर्चाएं अक्सर गर्म रहती हैं.

संविधान का अनुच्छेद 83- यह आर्टिकल संसद के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के कार्यकाल को तय करता है. मौजूदा नियम के अनुसार लोकसभा का कार्यकाल पहली बैठक से लेकर पूरे पांच साल के लिए होता है.

संविधान का अनुच्छेद 85- यह आर्टिकल देश के राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वे समय-समय पर संसद के सत्र बुलाएं और प्रधानमंत्री की सलाह पर लोकसभा को भंग कर सकें.

अनुच्छेद 172- जैसे केंद्र में लोकसभा के लिए नियम हैं, ठीक वैसे ही यह आर्टिकल राज्यों की विधानसभाओं के कार्यकाल को पांच साल के लिए तय करता है.

अनुच्छेद 174- यह आर्टिकल राज्यों के राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे राज्य की विधानसभा को समय से पहले भंग कर सकें.

अनुच्छेद 356- यह वही नियम है, जिसके तहत किसी राज्य की सरकार फेल होने पर वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है. जब तक इन अनुच्छेद में यह साफ नहीं किया जाएगा कि राष्ट्रपति शासन लगने के बाद वहां चुनाव कब होंगे और नई सरकार का कार्यकाल कितना होगा

देशभर के मंदिरों में भर-भरकर आता है चढ़ावा, तो जानिये सबसे अमीर मस्जिद कौन?