UCC In Gujarat: अब तक किन राज्यों में लागू हो चुका यूसीसी कानून, जानें
UCC In Gujarat: अब तक किन राज्यों में लागू हो चुका यूसीसी कानून, जानें
उत्तराखंड के बाद अब गुजरात देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपने यहां इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कर दिया है.
उत्तराखंड के बाद अब गुजरात देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपने यहां इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कर दिया है.
यह कानून केवल विवाह या संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को एक समान कानूनी पायदान पर खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
यह कानून केवल विवाह या संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को एक समान कानूनी पायदान पर खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
गुजरात का यह फैसला देश की राजनीति और सामाजिक ढांचे में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है.
गुजरात का यह फैसला देश की राजनीति और सामाजिक ढांचे में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है.
गुजरात का यह यूसीसी कानून राज्य की भौगोलिक सीमाओं के भीतर रहने वाले नागरिकों पर तो लागू होगा ही
गुजरात का यह यूसीसी कानून राज्य की भौगोलिक सीमाओं के भीतर रहने वाले नागरिकों पर तो लागू होगा ही
साथ ही यह उन गुजरातियों पर भी प्रभावी होगा जो वर्तमान में राज्य से बाहर रह रहे हैं.
साथ ही यह उन गुजरातियों पर भी प्रभावी होगा जो वर्तमान में राज्य से बाहर रह रहे हैं.
हालांकि, संविधान की गरिमा और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए इस कानून से अनुसूचित जनजातियों (ST) को बाहर रखा गया है.
हालांकि, संविधान की गरिमा और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए इस कानून से अनुसूचित जनजातियों (ST) को बाहर रखा गया है.
उनके पारंपरिक और संवैधानिक अधिकारों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा.
उनके पारंपरिक और संवैधानिक अधिकारों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा.
यह स्पष्ट करता है कि कानून का उद्देश्य एकरूपता लाना है, न कि किसी की व्यक्तिगत पहचान या परंपराओं को जबरन खत्म करना.
यह स्पष्ट करता है कि कानून का उद्देश्य एकरूपता लाना है, न कि किसी की व्यक्तिगत पहचान या परंपराओं को जबरन खत्म करना.
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