भारत में कैसा रहा चीनी का इतिहास? कभी सफेद जहर कहा तो कभी मिठास...

चाय-कॉफी से लेकर पारंपरिक मिठाइयों तक, चीनी की मिठास हर जगह मौजूद है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय यह सफेद चीनी बेहद दुर्लभ और महंगी मानी जाती थी?

गन्ने से रस निकालने के बाद उसे पकाकर ठोस शक्कर बनाने की तकनीक दुनिया को भारत ने सिखाई.

भारत की अनुकूल भौगोलिक स्थिति और मानसूनी जलवायु गन्ने की उपज के लिए सर्वोत्तम मानी जाती थी.

लगभग 500 ईसा पूर्व (3,000 साल पहले) भारतीय कारीगरों ने गन्ने के रस को उबालकर दानेदार क्रिस्टल बनाने का अनूठा तरीका विकसित किया.

उस जमाने में भारत से पूरी दुनिया में कीमती मसाले भेजे जाते थे.

विदेशों में इसे एक बेहद कीमती और अनोखा 'नया मसाला' या 'मीठा मसाला' माना जाने लगा. यूरोप के देशों में तो इसे शुरुआत में 'शुगर साल्ट' कहा जाता था.

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