जयपुर और दिल्ली के जंतर मंतर में क्या है फर्क

दिल्ली का जंतर-मंतर दशकों से किसानों, पहलवानों, छात्रों और राजनीतिक दलों के उग्र विरोध-प्रदर्शनों और धरना स्थल का केंद्र रहा है.

वहीं दूसरी तरफ जयपुर के जंतर-मंतर पर कभी भी कोई भी धरना प्रदर्शन देखने को नहीं मिला.

इन दोनों ऐतिहासिक वेधशालाओं का निर्माण जयपुर के राजा महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने कराया था

दिल्ली के जंतर-मंतर की स्थापना सबसे पहले साल 1724 में हुई थी, जो देश की बनी पांच वेधशालाओं में सबसे पुरानी मानी जाती है.

जयपुर के जंतर-मंतर को उसके विशाल आकार और अद्भुत बनावट और उत्कृष्ट रखरखाव की वजह से यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है

यहां पर दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर की धूपघड़ी सम्राट यंत्र मौजूद है. इसके विपरीत राजधानी दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर को एक राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक तो माना गया है

इसे यूनेस्को की अंतरराष्ट्रीय धरोहरों की सूची में शामिल होने का दर्जा नहीं प्राप्त है. इसीलिए जयपुर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं होते हैं.

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