क्या है उत्तराखंड का हरेला पर्व जहां, रोपे जाएंगे 11 लाख पौधे

हरेला पर्व उत्तराखंड (विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र) का एक प्रमुख और पवित्र लोक पर्व है जो हरियाली, प्रकृति और कृषि समृद्धि का प्रतीक है

मानसून के आगमन और सावन महीने की शुरुआत के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले इस त्योहार में मिट्टी के पात्रों या टोकरियों में 5 से 7 प्रकार के बीज बोए जाते हैं

जिन्हें 9 दिनों तक पूजने के बाद दसवें दिन काटा और आपस में बांटा जाता है

प्रकृति पर्व हरेला पर 16 जुलाई को प्रदेशभर में उद्यान विभाग की ओर से 11 लाख फलदार, सगंध एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा

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