क्यों खास है सितंबर का हार्वेस्ट मून? पूर्णिमा की रात दिखेगा अद्भुत नजारा

सितंबर का महीना जितना खूबसूरत होता है, उतना ही दिलचस्प भी। इस महीने की पूर्णिमा का लोगों को पूरे साल बेसब्री से इंतजार रहता है

इस पूर्णिमा को दुनिया भर में हार्वेस्ट मून के नाम से जाना जाता है.  आम पूर्णिमा की तुलना में इस दिन सूरज ढलते ही चंद्रमा बहुत जल्दी निकल आता है

यह हार्वेस्ट मून सामान्य चांद से काफी बड़ा नजर आता है.  यही नहीं, इस पूर्णिमा का चांद सुनहरी रोशनी भी बिखेरता है.

हार्वेस्ट मून का इतिहास और इसका नाम कैसे पड़ा? हार्वेस्ट मून का नाम सदियों पुरानी खेती-किसानी की परंपराओं पर आधारित है.

पुराने समय में जब बिजली या आधुनिक रोशनी नहीं हुआ करती थी, तब किसान चांद की प्राकृतिक रोशनी का सहारा लेते थे

सितंबर के महीने में पूर्णिमा का चंद्रमा शाम ढलते ही उग आता था.  इसकी चमकदार रोशनी की वजह से किसान रात के समय भी आसानी से खेतों में फसलों की कटाई कर पाते थे.  यही कारण है कि इस चांद को 'हार्वेस्ट मून' कहा जाने लगा

Ganesh Visarjan 2026: आज नहीं तो कब होगा गणेश विसर्जन? नोट करें सही तारीख