राम राज्य में चोरी करने और डाका डालने वाले को क्या मिलती थी सजा?

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुई चढ़ावे और चंदे की हेराफेरी का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब राम राज्य हुआ करता था, उस वक्त चोरी करने वाले अपराधियों को कितनी कड़क सजा मिलती थी.

राम राज्य में अगर कोई शख्स चोरी की नीयत से किसी की संपत्ति को हाथ लगाता था, तो उसके लिए बेहद कड़े नियम थे.

छोटी-मोटी हेराफेरी और जेब काटने वालों की तो सबसे पहले संपत्ति जब्त की जाती थी, या फिर उसे भारी जुर्माना देना होता था.

इसके अलावा कोड़े मारने की सजा भी आम थी, लेकिन अगर कोई आदतन अपराधी होता था, बार-बार चोरी करता था या फिर किसी गरीब की आजीविका चुरा लेता था

तो फिर उसके शरीर के अंग काटने या फिर सीधे देश से निकालने का आदेश दे दिया जाता था.

उस दौर की खासियत थी कि अगर किसी नागरिक के घर चोरी हो जाती थी तो उसकी भरपाई राजा के सरकारी खजाने या राजकोष से की जाती थी.

राम के राज्य में माना जाता था कि अगर प्रजा के साथ कुछ भी गलत हुआ है तो यह राजा और उनके गुप्तचरों की नाकामी के कारण हुआ है.

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