चांदी ने कब-कब मारी पलटी, रातोंरात कंगाल हो गए बड़े-बड़े अमीर, जानें

चांदी के दाम हाल के महीनों में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे थे.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 29 दिसंबर की सुबह चांदी ने इतिहास रचते हुए करीब 2.54 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक पाई.

महज एक घंटे के अंदर ही चांदी करीब 21,500 रुपये प्रति किलो तक टूट गई.

निवेश की दुनिया में चांदी को अक्सर ‘डेविल्स मेटल’ यानी शैतान की धातु कहा जाता है.

सोने के मुकाबले चांदी में उतार-चढ़ाव कहीं ज्यादा तेज रहा है. पिछले करीब 50 सालों में चांदी ने सिर्फ तीन बार बड़ी उछाल दिखाई

1980 की सबसे कुख्यात गिरावट

2011- कर्ज संकट और दूसरी बड़ी चोट

2025 में तीसरी उछाल और फिर वही डर