कब है लोहड़ी? जानिये अग्नि का महत्व और दुल्ला भट्टी की कहानी...

पंजाब का प्रमुख त्योहार लोहड़ी 13 जनवरी को मनाया जाएगा.

मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी पर अग्नि जरुर प्रज्वलित की जाती है क्या है इसका महत्व जानें.

लोहड़ी के दिन सूर्यास्त का समय शाम को 5 बजकर 44 मिनट का रहेगा. ऐसे में सूर्यास्त से 2 घंटे की अवधि लोहड़ी और अग्नि के पूजन के लिए सबसे शुभ रहेगा.

लोहड़ी शुभ मुहूर्त

इस आग को अग्नि देव का स्वरूप माना जाता है. लोहड़ी की पवित्र अग्नि में नवीन फसलों को समर्पित करने का भी विधान है

अग्नि का महत्व

जैसे तिल, मूंगफली, मिठाई के तौर पर रेवड़ी-गजक आदि आग्नि में अर्पित करने से यह देवताओं तक पहुंचती है, जो प्रार्थना, भोग और कृतज्ञता का प्रतीक है.

अग्नि का महत्व

लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनने का खास महत्व होता है. दरअसल, मुगल काल में अकबर के दौरान दुल्ला भट्टी पंजाब में ही रहता है.

दुल्ला भट्टी की कहानी

दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की उस वक्त रक्षा की थी जब संदल बार में लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था.

वहीं एक दिन दुल्ला भट्टी ने इन्हीं अमीर सौदागरों से लड़कियों को छुड़वाया था, तभी से हर साल हर साल हर लोहड़ी पर ये कहानी सुनाई जाने लगी.

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