निर्जला एकादशी व्रत कब है? क्यों इस व्रत से मिलता है पूरे साल की एकादशी व्रत का फल
निर्जला एकादशी व्रत कब है? क्यों इस व्रत से मिलता है पूरे साल की एकादशी व्रत का फल
निर्जला एकादशी को अत्यंत पवित्र और सबसे उत्तम व्रत माना गया है
निर्जला एकादशी को अत्यंत पवित्र और सबसे उत्तम व्रत माना गया है
इस एक व्रत से पूरे साल की एकादशी व्रत के समान फल प्राप्त होता है। इस दिन बिना पानी पिए विधिपूर्वक उपवास और विष्णुजी की पूजा करनी चाहिए
इस एक व्रत से पूरे साल की एकादशी व्रत के समान फल प्राप्त होता है। इस दिन बिना पानी पिए विधिपूर्वक उपवास और विष्णुजी की पूजा करनी चाहिए
आइए जानें कब है निर्जला एकादशी और क्यों इस एकादशी को माना गया है सबसे श्रेष्ठ
आइए जानें कब है निर्जला एकादशी और क्यों इस एकादशी को माना गया है सबसे श्रेष्ठ
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून, बुधवार के दिन शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर होगा
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून, बुधवार के दिन शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर होगा
वहीं, अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम के समय 8 बजकर 10 मिनट तक एकादशी तिथि व्याप्त रहेगी
वहीं, अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम के समय 8 बजकर 10 मिनट तक एकादशी तिथि व्याप्त रहेगी
ऐसे में उदया तिथि की गणना के अनुसार, 25 जून को ही निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा
ऐसे में उदया तिथि की गणना के अनुसार, 25 जून को ही निर्जला एकादशी का व्रत किया जाएगा
अगर कोई मनुष्य साल भर में पड़ने वाली एकादशियों का व्रत करने में असमर्थ हो, वह ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी का व्रत कर सकता है
अगर कोई मनुष्य साल भर में पड़ने वाली एकादशियों का व्रत करने में असमर्थ हो, वह ज्येष्ठ मास की निर्जला एकादशी का व्रत कर सकता है
मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य अक्षय हो जाते हैं
मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य अक्षय हो जाते हैं
Ayodhya: राम मंदिर में कितने कमरे, इसमें कहां गिना जाता है दानपेटी का कैश?
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