रक्षाबंधन केवल धागों का त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के अटूट संकल्प का पर्व है
सबसे पहले रक्षाबंधन का त्योहार किसने मनाया था?
महाभारत की यह घटना रक्षाबंधन के सबसे पावन प्रसंगों में से एक हैजब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली कट गई और उससे रक्त बहने लगा, तो वहां मौजूद सभी लोग उपचार के लिए परेशान हो उठे
तभी द्रौपदी ने बिना एक पल गंवाए अपनी रेशमी साड़ी का किनारा फाड़ा और प्रभु की उंगली पर बांध दियाद्रौपदी के इस सहज स्नेह से अभिभूत होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवनभर हर संकट से बचाने का वचन दिया
आगे चलकर जब कौरवों की सभा में द्रौपदी का चीर हरण करने का प्रयास किया गया.तब भगवान ने अपनी अलौकिक शक्ति से द्रौपदी की साड़ी को अनंत बनाकर उनके सम्मान की रक्षा की.
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