टॉयलेट की पूजा क्यों करते हैं इस देश में रहने वाले लोग? जाने वजह
टॉयलेट की पूजा क्यों करते हैं इस देश में रहने वाले लोग? जाने वजह
चीन के कुछ दूरदराज इलाकों में खासतौर पर लैंटर्न फेस्टिवल (Lantern Festival) के दौरान यह अजीब परंपरा देखी जाती है.
चीन के कुछ दूरदराज इलाकों में खासतौर पर लैंटर्न फेस्टिवल (Lantern Festival) के दौरान यह अजीब परंपरा देखी जाती है.
यह त्यौहार चीन के लूनर कैलेंडर के पहले महीने के 15वें दिन मनाया जाता है, जो चीनी वसंत महोत्सव के बाद आने वाला प्रमुख त्यौहार होता है.
यह त्यौहार चीन के लूनर कैलेंडर के पहले महीने के 15वें दिन मनाया जाता है, जो चीनी वसंत महोत्सव के बाद आने वाला प्रमुख त्यौहार होता है.
इस दिन, महिलाओं के हाथ में अगरबत्ती होती है और वे टॉयलेट तक जाती हैं.
इस दिन, महिलाओं के हाथ में अगरबत्ती होती है और वे टॉयलेट तक जाती हैं.
वहां वे टॉयलेट सीट के सामने खड़े होकर पूजा करती हैं. इस पूजा को जिगु देवी (Zigu Goddess) की पूजा कहा जाता है, जिन्हें टॉयलेट देवी भी कहा जाता है.
वहां वे टॉयलेट सीट के सामने खड़े होकर पूजा करती हैं. इस पूजा को जिगु देवी (Zigu Goddess) की पूजा कहा जाता है, जिन्हें टॉयलेट देवी भी कहा जाता है.
यह परंपरा सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भविष्य जानने का एक दिलचस्प तरीका भी है.
यह परंपरा सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भविष्य जानने का एक दिलचस्प तरीका भी है.
महिलाएं टॉयलेट को साफ करती हैं, वहां एक छोटा पुतला रखती हैं और फिर अगरबत्ती जलाकर देवी से खेती, शादी और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछती हैं
महिलाएं टॉयलेट को साफ करती हैं, वहां एक छोटा पुतला रखती हैं और फिर अगरबत्ती जलाकर देवी से खेती, शादी और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछती हैं
अगर पूजा के दौरान पुतला जरा भी हिल जाए, तो इसे देवी का हां या कोई संकेत माना जाता है. यहां के लोग इसे आस्था और सफाई का मिश्रण मानते हैं.
अगर पूजा के दौरान पुतला जरा भी हिल जाए, तो इसे देवी का हां या कोई संकेत माना जाता है. यहां के लोग इसे आस्था और सफाई का मिश्रण मानते हैं.