आखिर ब्रह्म मुहूर्त में ही क्यों होती है बाबा महाकाल की भस्म आरती? जानिए रहस्य
भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन का हर दिन खास होता है, लेकिन उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दरबार में होने वाली भस्म आरती का अपना अलग ही महत्व है.
महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन सुबह होने वाली भस्म आरती को देखने और इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बाबा महाकाल की भस्म आरती ब्रह्म मुहूर्त में ही क्यों की जाती है?
ब्रह्म मुहूर्त को दिन का सबसे पवित्र और शुभ समय माना गया है.
रात के बाद जब सृष्टि धीरे-धीरे सुप्त अवस्था से जाग्रत अवस्था की ओर बढ़ती है, तब ब्रह्म मुहूर्त का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है.
इसी पवित्र वेला में बाबा महाकाल को भस्म अर्पित कर उन्हें जागृत करने की परंपरा मानी जाती है.
इसके बाद भगवान महाकाल का पहला दिव्य श्रृंगार किया जाता है और उनकी भस्म आरती पूरी होती है.