Wifi का नाम वाई-फाई ही क्यों रखा गया, क्या होता है इसका मतलब?

वाई फाई एक वायरलेस नेटवर्किंग तकनीक है, जो बिना किसी तार के डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ती है.

यह तकनीक रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए काम करती है और इसके पीछे WLAN यानी वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क सिस्टम होता है.

मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी जैसे डिवाइस वाई फाई के जरिए डेटा भेजते और रिसीव करते हैं.

WiFi असल में किसी शब्द का शॉर्ट फॉर्म नहीं है. यह एक ब्रांड नेम है, जिसे 1999 में Wi Fi Alliance ने चुना था.

WiFi सिस्टम में राउटर इंटरनेट से जुड़ा होता है और वह रेडियो सिग्नल के जरिए आसपास मौजूद डिवाइस तक नेटवर्क पहुंचाता है.

डिवाइस इन सिग्नल को पकड़कर इंटरनेट से कनेक्ट हो जाते हैं. यही वजह है कि बिना किसी केबल के इंटरनेट इस्तेमाल करना संभव हो पाता है.

वहीं आपको बता दें कि वाई फाई किसी एक कंपनी या व्यक्ति की संपत्ति नहीं है.

इसके मानकों और तकनीक को Wi Fi Alliance नाम का संगठन संभालता है, जिसमें कई टेक कंपनियां शामिल है.

यह संगठन वाई फाई तकनीक को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए काम करता है.