साध्वी प्रेम बाईसा का दाह संस्कार क्यों नहीं होगा, क्यों दी जाएगी समाधि
साध्वी प्रेम बाईसा का दाह संस्कार क्यों नहीं होगा, क्यों दी जाएगी समाधि
कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संग्दिध मौत पर देशभर में सनसनी है.
कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संग्दिध मौत पर देशभर में सनसनी है.
पोस्टमार्टम के बाद आज पैतृक गांव परेऊ में उन्हें समाधि दी गई.जानें आखिर समाधि क्यों, दाह संस्कार क्यों नहीं.
पोस्टमार्टम के बाद आज पैतृक गांव परेऊ में उन्हें समाधि दी गई.
जानें आखिर समाधि क्यों, दाह संस्कार क्यों नहीं.
साधु संतों का अंतिम संस्कार समाधि के रूप में किया जाता है, उनका दाह संस्कार नहीं होता.
साधु संतों का अंतिम संस्कार समाधि के रूप में किया जाता है, उनका दाह संस्कार नहीं होता.
साधु-संतों को मृत्यु के बाद समाधि देना उनके आध्यात्मिक स्तर, तपस्या और सांसारिक मोह-माया से मुक्ति का सम्मान माना जाता है.
साधु-संतों को मृत्यु के बाद समाधि देना उनके आध्यात्मिक स्तर, तपस्या और सांसारिक मोह-माया से मुक्ति का सम्मान माना जाता है.
इसलिए इनके पार्थिव शरीर को अग्नि में जलाने के बजाय समाधि में विश्राम दिया जाता है.
इसलिए इनके पार्थिव शरीर को अग्नि में जलाने के बजाय समाधि में विश्राम दिया जाता है.
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