क्या अब LPG सिलेंडर के लिए लगेंगी लाइनें, जानें मोदी सरकार में कब-कब आई ये नौबत?
क्या अब LPG सिलेंडर के लिए लगेंगी लाइनें, जानें मोदी सरकार में कब-कब आई ये नौबत?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है.
भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है.
हालिया युद्ध के कारण समुद्र के रास्ते गैस लेकर आने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
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इसी पैनिक की वजह से दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में गैस एजेंसियों पर कॉल्स और बुकिंग्स की बाढ़ आ गई.
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आइए जानें कि क्या इसके लिए फिर से लाइनें लगेंगी और मोदी राज में इससे पहले ऐसा कब-कब हुआ.
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मई 2016 में जब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) लॉन्च हुई, तो भारत में गैस कनेक्शन की मांग में जबरदस्त उछाल आया.
मई 2016 में जब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) लॉन्च हुई, तो भारत में गैस कनेक्शन की मांग में जबरदस्त उछाल आया.
अचानक करोड़ों नए उपभोक्ताओं के जुड़ने से मौजूदा वितरण केंद्रों पर दबाव काफी बढ़ गया था.
अचानक करोड़ों नए उपभोक्ताओं के जुड़ने से मौजूदा वितरण केंद्रों पर दबाव काफी बढ़ गया था.
मोदी सरकार के दौरान कतारों का सबसे बड़ा कारण वैश्विक महामारी कोरोना रही. मार्च 2020 में जब देशभर में अचानक लॉकडाउन लगा
मोदी सरकार के दौरान कतारों का सबसे बड़ा कारण वैश्विक महामारी कोरोना रही. मार्च 2020 में जब देशभर में अचानक लॉकडाउन लगा
साल 2023 के मध्य में जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तब भी भारत में पैनिक बुकिंग देखी गई थी
साल 2023 के मध्य में जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तब भी भारत में पैनिक बुकिंग देखी गई थी
घरेलू बाजार में सिलेंडर के दाम 1100 रुपये के पार पहुंचने की आशंका में लोगों ने समय से पहले रिफिल बुक करने की होड़ लगा दी थी.
घरेलू बाजार में सिलेंडर के दाम 1100 रुपये के पार पहुंचने की आशंका में लोगों ने समय से पहले रिफिल बुक करने की होड़ लगा दी थी.