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दुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड ने पक्षी पर्यटन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है. पक्षी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष जहां गिधवा परसदा में पक्षी महोत्सव का आयोजन कर वहां पक्षी विहार विकसित करने का प्रयास किया गया था, वहीं अब पाटन क्षेत्र के बेलौदी,अचानकपुर,सांतरा और चीचा गांव के वेटलैंड को पक्षी विहार के रुप में विकसित करने का काम जैव विविधता बोर्ड ने अपने हाथ में लिया है.

जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अरुण पांडेय ने लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में बताया कि पाटन इलाके के बेलौदी, अचानकपुर, सांतरा और चीचा गांव प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण इलाका है और यहां हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं,साथ ही यहां स्थानीय पक्षियों की बहुलता भी है. इन्हीं विशेषताओं को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर इन चारों गांवों को पक्षी विहार के रुप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है. अरुण पांडेय ने बताया कि चीचा गांव में एक सप्ताह के भीतर पक्षी विहार का काम शुरु कर दिया जायेगा,जो इसी साल अक्टूबर माह तक पूरा होने की उम्मीद है.उन्होंने बताया कि चीचा में एक बिल्डिंग को बर्ड अवेयरनेस सेंटर और टूरिस्ट इन्फार्मेशन सेंटर के रुप में विकसित किया जायेगा.इसके अलावा इन गांवों के वाटर बॉडी के किनारे बर्ड व्यूविंग स्पॉट विकसित किया जायेगा.इन गांवों में छोटे छोटे आईलैंड बनाकर पक्षियों के अनुकुल वातावरण तैयार किया जायेगा.

डॉ अरुण पांडेय ने बताया कि पक्षी विहार बन जाने के बाद ये गांव पर्यटन के नये केन्द्र के रुप में विकसित होंगे. इन गांवों में पर्यटन सुुविधाओं का विकास करने के बाद यहां देशी और विदेशी सैलानियों का जमावड़ा लग सकता है. डॉ पांडेय ने बताया कि इस इलाके में पक्षियों की इतनी प्रजातियां पाई जाती है कि राजस्थान का प्रसिद्ध भरतपुर बर्ड सेंचुरी भी इस पक्षी विहार के विकसित होने के बाद इससे पीछे हो जायेगा.अपनी जैव विविधता के चलते वन्यजीवों के लिए ये किसी स्वर्ग से कम नहीं है. जिसे देखते हुए बोर्ड ने पक्षियों और वेटलैंड को संरक्षित करने के लिए एक और कदम आगे बढ़ाया है.

भवन बनाने के निर्देश

इसी के तहत शुक्रवार को जैव विविधता बोर्ड के मेंबर सैक्रेटरी अरुण पांडेय पाटन पहुंचे और चारों बांधों का निरीक्षण कर वन विभाग के अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिए. उन्होंने वेटलैंड में पर्यटकों के लिए पक्षियों की मनमोहक चित्रकारी और पक्षी दर्शन के लिए प्लेटफॉर्म और पक्षियों के लिए टापू बनाने का निर्देश दिया. इसके अलावा चीचा में एक बर्ड जागरुकता सेंटर या पर्यटकों को पिकअप करने के लिए एक भवन बनाने की बात कही. साथ ही इसके लिए स्थल का निरीक्षण भी किया.

वेटलैंड को आकर्षित बनाने की तैयारी

पांडेय ने कहा कि सर्दी में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी यहां आते हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं. उनके लिए ही इस सर्दियों तक वेटलैंड को आकर्षित बनाने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही आसपास के गांव के युवाओं को पक्षी गाइड के रूप में तैयार कर ईको टूरिज्म तैयार करने का प्रयास किया जाएगा.

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