राजधानी दिल्ली में भलस्वा, गाजीपुर और ओखला की लैंडफिल साइट लंबे समय से कचरे के पहाड़ के रूप में पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। अब इन्हें खत्म करने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) ने कहा कि सरकार ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए बेहद गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस साल के अंत तक इन दोनों लैंडफिल साइट्स पर जमा लीगेसी वेस्ट को पूरी तरह समाप्त कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कचरे के वैज्ञानिक निपटान, बायो-माइनिंग और बायो-रीमेडिएशन जैसी तकनीकों के जरिए काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ कचरा हटाना ही नहीं, बल्कि इन इलाकों को भविष्य में हरित और उपयोगी स्थानों में बदलना है। दिल्ली सरकार का मानना है कि कूड़े के पहाड़ हटने से न सिर्फ प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आसपास रहने वाले लाखों लोगों को बदबू, जहरीली गैसों और स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर क्या कहा
लीगेसी वेस्ट उस कचरे को कहा जाता है, जो सालों से डंपिंग ग्राउंड में जमा होता चला गया और जिसे लंबे समय तक प्रोसेस नहीं किया गया। इसमें मिट्टी के साथ-साथ प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच, धातु और अन्य ठोस अपशिष्ट मिले होते हैं। समय के साथ यही कचरा पहाड़ का रूप ले लेता है, जिससे प्रदूषण, बदबू और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट्स पर लीगेसी वेस्ट के निपटान का काम पूरी शिद्दत से चल रहा है। इसके लिए आधुनिक तकनीकों जैसे बायो-माइनिंग और वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गाजीपुर लैंडफिल साइट पर क्या कहा
ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर जमा लीगेसी वेस्ट को 2026 के अंत तक खत्म करने का भरोसा जताने के साथ ही मुख्यमंत्री ने गाजीपुर लैंडफिल साइट को लेकर भी स्थिति साफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ को पूरी तरह खत्म करने में दो साल और लग सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले कचरे के 100 फीसदी प्रोसेसिंग के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से तैयार किया जा रहा है। इसके लिए नए कचरा प्रसंस्करण प्लांट बनाए जा रहे हैं और मौजूदा प्लांट्स की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
पहला बायोगैस प्लांट हमने शुरू किया
सीएम रेखा ने बायोट्रीटमेंट प्लांट का जिक्र करते हुए बताया कि 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पहले ही चालू हो चुका है। इसके अलावा, 400 टन क्षमता वाले अन्य बायोगैस/वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट इस साल के अंत तक शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन प्लांट्स के जरिए न सिर्फ कचरे का वैज्ञानिक निपटान होगा, बल्कि उससे ऊर्जा उत्पादन और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि दिल्ली में पैदा होने वाले कचरे का अधिकतम हिस्सा वहीं प्रोसेस हो और लैंडफिल साइट्स पर उसका बोझ न बढ़े।
AAP और कांग्रेस सरकारों पर हमला
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के दौर की सरकारों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वर्षों तक दिल्ली में शासन करने के बावजूद इन सरकारों ने कचरा प्रबंधन को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते आज शहर को कूड़े के पहाड़ों की समस्या झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मौजूदा सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस और जमीन पर दिखने वाला काम कर रही है।
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